शौच के समय दर्द होना, जलन महसूस होना या टॉयलेट पेपर पर खून दिखना ये लक्षण अक्सर लोग नज़रअंदाज़ कर देते हैं। कई बार शर्म या डर के कारण लोग डॉक्टर से बात नहीं करते, जबकि यह समस्या शरीर की एक आम लेकिन गंभीर चेतावनी हो सकती है। ऐसे लक्षणों के पीछे सबसे आम कारणों में बवासीर शामिल है। इस आर्टिकल में हम समस्या के बारे में विस्तार से जानेंगे।
बवासीर क्या होती है?
बवासीर एक ऐसी स्थिति है जिसमें गुदा और मलाशय के आसपास की नसें सूज जाती हैं। जब इन नसों पर ज़्यादा दबाव पड़ता है तो वे फूल जाती हैं और दर्द, जलन या रक्तस्राव का कारण बनती हैं।
यह समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन आज की जीवनशैली के कारण युवा वर्ग में भी तेजी से बढ़ रही है।
बवासीर क्यों होती है?
बवासीर अचानक नहीं होती, बल्कि धीरे-धीरे विकसित होती है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। कब्ज़ की स्थिति में ज्यादा ज़्यादा ज़ोर लगाने से नसों पर दबाव बढ़ता है। इससे यह समस्या उत्पन्न हो सकता है। फाइबर की कमी से मल सख्त हो जाता है। जिससे भी यह समस्या हो सकती है। इनके अलावा भी निम्नलिखित कारण प्रभावित करते हैं।
- लंबे समय तक टॉयलेट में बैठना
- कम पानी पीना
- लंबे समय तक बैठकर काम करना
- गर्भावस्था के दौरान दबाव बढ़ना
- मोटापा
- अत्यधिक मसालेदार और तली-भुनी चीज़ें
बवासीर के शुरुआती लक्षण
बवासीर के शुरुआत में लक्षण हल्के होते हैं, लेकिन समय के साथ बढ़ सकते हैं। कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं।
- शौच के समय या बाद में तेज दर्द
- गुदा क्षेत्र में जलन या खुजली
- टॉयलेट के बाद लाल खून आना
- गुदा के आसपास सूजन या गांठ जैसा महसूस होना
- बार-बार शौच की इच्छा लेकिन पूरी तरह पेट साफ़ न होने का एहसास
बवासीर के प्रकार
- बवासीर दो प्रकार का होता है। जिसे हम इसके नाम के अनुसार सीधे समझ सकते हैं।
- आंतरिक बवासीर – यह अंदर होती है। इसमें दर्द कम होता है लेकिन खून आ सकता है।
- बाहरी बवासीर – यह बाहर दिखाई देती है। इसमें दर्द, सूजन और जलन ज़्यादा होती है।
बवासीर का इलाज क्या है?
बवासीर का उपचार संभव है, लेकिन इसके लिए आवश्यक है कि हम लक्षण पहचान कर विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं। डॉक्टर आपके लक्षणों की पहचान कर सबसे पहले दर्द निवारक दवाएं और घरेलू उपाय अपनाने की सलाह देंगे। कुछ मामलों में रबर बैंड तकनीक, लेज़र इलाज या सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।
बवासीर के घरेलू उपाय क्या है?
बवासीर को ठीक करने के लिए कुछ घरेलू उपाय अपना जा सकते हैं जो इस प्रकार है।
- रोज़ 8–10 गिलास पानी पिएँ
- भोजन में हरी सब्ज़ियाँ, फल, सलाद शामिल करें
- डॉक्टर की सलाह पर इसबगोल या फाइबर सप्लीमेंट लें
- गुनगुने पानी में बैठकर स्नान करें
- शौच को ज़्यादा देर तक न रोकें
बवासीर से बचाव के उपाय क्या ?
- रोज़ हल्का शारीरिक व्यायाम करें
- ज़्यादा देर तक लगातार बैठने से बचें
- मसालेदार और जंक फूड कम करें
- शौच के समय मोबाइल का उपयोग न करें
- शरीर के संकेतों को नज़रअंदाज़ न करें
शौच के समय दर्द, जलन या खून आना सामान्य बात नहीं है। यह बवासीर का शुरुआती संकेत हो सकता है, जिसे समय रहते पहचान लिया जाए तो बिना सर्जरी के भी नियंत्रित किया जा सकता है। ऐसे में शर्म या डर छोड़कर सही समय पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
